MP//Rewa// बिना निर्वाचित पंचों के 6 वर्ष चली पंचायत// संवैधानिक रूप से चुने पंचों को दरकिनार कर बना डाली प्रशासकीय समिति// इस दौरान किये गए समस्त वित्तीय आहरण प्रश्न के दायरे में// बड़ा सवाल बिना 5 निर्वाचित पंचों के क्या ग्राम सभा का है कोई औचित्य?
कैथा पंचायत की प्रशासकीय समिति गठन में सरकार के नियम को धता बताते हुए पांच पंचों को समिति से हटाकर मात्र 18 में से 13 सदस्यों से ही अवैधानिक प्रशासकीय समिति बना दी गयी।
मामले में एक नया खुलासा हुआ जिसमें पंचायत इंस्पेक्टर बालेन्द्र पांडेय और तत्कालीन जनपद सीईओ संजीव तिवारी का अहम रोल देखा जा रहा है।
मामले को लेकर एसडीएम मनगवां एवं सीईओ जनपद गंगेव द्वारा पीसीओ भारत पटेल और पंचायत इंस्पेक्टर बालेन्द्र पांडेय को नोटिस जारी कर जबाब मागा गया है। जबाब में बालेन्द्र पांडेय बिना किसी आदेश के ही कैथा पांचायत जांच करने पहुंच गए और वंचित पंचों से कथन बयान लिए। यह तो वही बात हो गयी कि जो दोषी है वही जांच कर रहा है।
उधर कलेक्टर रीवा के द्वारा जारी पत्र जिसमे प्रशासकीय समिति के गठन का आदेश दिया गया उसमे तत्कालीन सीईओ जनपद संजीव तिवारी के भी हस्ताक्षर पाए गए हैं। अब इससे एक बात स्पष्ट है कि 18 पंचों में मात्र 13 पंचों के प्रशासकीय समिति में चयन कहीं न कहीं तत्कालीन सीईओ संजीव तिवारी की जानकारी में ही हुआ था।
एसडीएम मनगवां ने सीईओ गंगेव को लिखा पत्र
मामले में नया मोड़ तब आया जब सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी ने इसकी शिकायत ईमेल और व्हाट्सएप के माध्यम से जिला कलेक्टर रीवा डॉक्टर इलैयाराजा टी, जिला सीईओ रीवा स्वप्निल वानखेड़े, एसडीएम मनगवां एके सिंह एवं जनपद गंगेव सीईओ अजित तिवारी को किया। मामला संज्ञान में आते ही जहां जिला कलेक्टर ने कार्यवाही के लिए आदेशित किया वही अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मनगवां ने दिनांक 3 मार्च 2021 को पत्र जारी कर मामले की जांच के लिए आदेशित किया है।
सीईओ जनपद गंगेव ने जिला निर्वाचन अधिकारी से मागी जानकारी
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मनगवां अखिलेश कुमार सिंह के दिनांक 3 मार्च 21 के आदेश के उपरांत दिनांक 5 मार्च को पत्र क्रमांक 2791/ज0पं0/स्था0/निर्वा0/2020-21 के माध्यम से जनपद पंचायत गंगेव के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी अजीत तिवारी ने पत्र जारी कर जिला निर्वाचन अधिकारी स्थानीय निर्वाचन शाखा रीवा से ग्राम पंचायत कैथा के संबंध में उपचुनाव कराए जाने के बाद पांच पंचों के विषय में जानकारी चाही थी जिसमें उन्हें कब निर्वाचित किया गया और निर्वाचन प्रपत्र सहित दस्तावेजों के लिए कैथा सचिव शशिकांत मिश्रा को स्वयं निर्वाचन कार्यालय जाकर दस्तावेज प्राप्त करने के लिए निर्देशित किया है।
अब आगे क्या
सवाल यह है कि कराधान घोटाला, एलईडी लाइट घोटाला जैसे घोटालों में फंसी गंगेव जनपद में एक और बेहद गंभीर मामला सामने आया है जिसमें संवैधानिक संस्था पंचायत में नियम कायदों को दरकिनार करते हुए फर्जी प्रशासकीय समिति का गठन कर निर्वाचित सदस्यों को ही दरकिनार कर दिया गया है। मामले को लेकर कलेक्टर डॉक्टर इलैयाराजा टी, जिला पंचायत सीईओ स्वप्निल वानखेड़े, मुख्यमंत्री मप्र शासन, एसडीएम मनगवां अखिलेश सिंह सहित अन्य संबंधितों को भी सूचित किया गया है। अब देखना यह है कि मामले की क्या जांच रिपोर्ट सामने आती है और दोषियों पर क्या कार्यवाही की जाती है।

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