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जीवीके, ईएमआरआई 108 एम्बुलेंस कम्पनी के कर्मचारियों ने मानवता का किया शर्मसार,रात भर इंतजार पर भी नहीं मिली एंबुलेंस,पैरालाइसिस अटैक आने से मरीज कोमा में 48 घंटे बाद मौत ।

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जिला- प्रयागराज (उ.प्र)- इमरजेंसी 108 एम्बुलेंस के कर्मचारियों और कॉल सेंटर वालो ने पैरालिसिस अटैक मरीज के परिजनों को रात भर इंतजार करवाई लेकिन सुबह तक एम्बुलेंस नही आई ।। जी हां ये केश 2 मार्च 2021 का श्री मोतीलाल उम्र (70) साल निवासी ग्राम बोधा के पूरा,बरांव करछना,प्रयागराज,को रात में पैरालिसिस अटैक आया तो विवेक कुमार ने इमरजेंसी 108 एम्बुलेंस पर कॉल किया लेकिन एम्बुलेंस के काल सेंटर ने तो पहले ब्यस्त बताया,फिर कुछ समय बाद *लखनऊ के कॉल सेंटर व करछना लोकेशन के *ईएमटी गजेंद्र कुमार व पायलेट* ने बताया कि गाड़ी नम्बर *UP32BG8550* आ रही है। लेकिन 2 मार्च 2021के रात को इमरजेंसी 108 एम्बुलेंस नही आई ,और मरीज *कोमा में पहुँच गया,48 घंटे बाद मौत हो गयी* ।
*मरीज के परिजनों का कहना है कि करछना लोकेशन की गाड़ी क्या एक ही केश को रात भर कर रही थी,इमरजेंसी108 वालो ने गाड़ी क्यो नही भेजा,इसमें किसकी गलती है,कंपनी की अधिकारियो का इन पर कार्यवाही होना चाहिए ।। इस घटना को लेकर 3 मार्च को इमरजेंसी 108 एम्बुलेंस पर विवेक कुमार ने शिकायत किया जो कि शिकायत संख्या 202368 है,और अभी तक जीवीके.ईएमआरआई 108 इमरजेंसी एम्बुलेंस के अधिकारियों ने शिकायत करने के बाद भी कोई असर नही पड़ रहा है ,।। इसी तरह से जीवीके ईएमआरआई व 108 के कर्मचारियों ने मरीजो के लिए समय से गाड़ी नही दे पा रहे ही,और अधिकारियों ने ध्यान नही दे रहे है ।प्रयागराज जिले के इमरजेंसी 108 एम्बुलेंस के पीएम सुनील कुमार और करछना लोकेशन की 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों से बात करने पर ये कहा गया कि अगली बार से ऐसी गलती नही होगा,केश को रफा दफा कर दो बार बार 108 पर शिकायत करने से किसी का कुछ नही होगा ।, वही विवेक कुमार का कहना है कि शिकायत करने पर भी कोई कार्यवाही नही किया गया ,इन अधिकारियों का मिली भगत है,अगर ऐसे कर्मचारियों पर कोई कार्यवाही नही हुई तो आगे भी मरीजो के ज़िंदगी के साथ खिलवाड़ करते रहेंगे ।

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