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“नाबालिगों से करा रहे मजदूरी ” डोंगरी टोला में कीचड में बन रहा स्टापडेंप,बिना छड के डल गई बेस मजबूती कैसे आएगी

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मामला ग्राम पंचायत पटना का इंजीनियर की मनमानी से हो रही गुणवत्ताविहीन कार्य

अनूपपुर/राजेन्द्रग्राम। जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ से महज 06 किलोमीटर की दूरी ग्राम पंचायत पटना अन्तर्गत ग्राम डोंगरी टोला में इन दिनों कीचड़ से सटाप डेंप का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं राष्ट्रीय जन न्याय मंच के संभागीय उपाध्यक्ष आर,पी,बघेल द्गारा बताया गया कि चेक स्टाप डेप का निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत पटना है किन्तु ग्राम पंचायत स्वयं निर्माण न कराकर अपना कमीशन के तहत ठेकेदार को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी दे दी है। जबकि बघेल ने बताया है कि जिस स्थान पर डेंप का निर्माण कराया जा रहा है। उस स्थान पर बरसात के पानी का चलन बनी हुई है जिससे वहा पर सिमेंट,गिट्टी,रेता,जो ढालाई किया जा रहा है वह कीचड़ में लिप्त होती जा रही है। बघेल का कहना है कि जब मै ठेकेदार से बात किया की पानी के अन्दर कीचड उठ रही। है और आप मसाला डाल रहे है,तो कैसे मजबूती आएगी ठेकेदार द्गारा स्पष्ट शब्दो में कहा की हमारी मर्जी हम जैसे बनाएगे वैसे ही बनेगी हमको कोई कुछ नही बोलेगा क्योंकि मै सबका हिस्सा देता हूं।

इंजीनियर बना मुकदर्शन शासन की राषी का करवा रहा दुरूपयोग

गुडवत्ताबिहीन चेक स्टापडेंप में हो रही भृष्टाचार पर इंजीनियर अशीष पटले मुक दर्शन बनकर देख रहा है,जहां निर्माण कार्य को बंद करने योगय है किन्तु कमीशन के चक्कर में ठेकेदार को बेधडक नीर्माण कराने की अनुमति दे रखी है। वहीं गांव के ग्रामीणों का कहना है की हम यह कार्य से सतुंष्ट नहीं है क्योंकि जितने भी मटेरियल डाली जा रही है वह कीचड से मिक्स हो जाता है। ठेकेदार को खाली मंजिल बनाना है चाहे उसमें कीचड मिक्स है या फिर गुणवत्ता बिहीन हो इससे लेना देना नहीं जो आगे चलकर यह डेंप ज्यदा दिनों का मेहमान नहीं रहेगी ग्रामीणों का कहना है कि जितने भी समग्री डाली जा रही है वह मिट्टी से लदी हुई है और देखा जाए तो गिट्टी,रेता में आधी मिट्टी मिक्चर है जिसे बेस डालकर और कीचड में व्याप्त किया जा रहा है।

बिना छड के डल गई बेस मजबूती कैसे आएगी

स्थानीय निवासी एवं राष्ट्रीय जन न्याय मंच के संभागीय उपाध्यक्ष ने बताया कि बिना छड के बेस डाल दिया गया है,जो निचे से छड लगाकर बेस को मजबूती लाना था वह बिना छड के ही चेक डेंप की बेस डाल दिया गया है। जिसे देख सरपंच सचिव से बोला जाता है तो सरपंच पति रामेश्व मोर्चे द्गारा स्पष्ट शब्दो में धमकी देकर बोला जाता है कि हमारी मर्जी है हम छड लगाए या न लगाए तुमसे क्या मतलब है निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत होते हुए भी ग्राम के जनताओ का बात नहीं सुनी जाती है बल्कि उल्टा ही उन्हे ही बततमीजी से बात करते है। क्या इसी तरह से धमकी देकर जैसा मन वैसा निर्माण करा दिया जाएगा इस निर्माण कार्य में केवल शासन की राषी का ही दुरूपयोग होगी और फर्जी बिल लगाकर बिल आहारित कर लिया जाएगा आर,पी बघेल ने सरपंच,सचिव,व ठेकेदार,सहित इंजीनियर के ऊपर अरोप लगाते हुए बताया है कि यह निर्माण कार्य की जांच होनी चाहीए और गुणवत्ता विहीन मिट्टी मिक्स मटेरियल डाला जाता है उसमें रोक लगये जाने की मांग किया है।

रपटा पुलिया का मजदूरी भुगतान आज भी नहीं हुआ

ग्राम पंचायत पटना में छः महीना पूर्व एक रपटा पुलिया का निर्माण कराया था जिसकी मजदूरों का मजदूरी भुगतान आज भी नहीं दिया गया है ग्रामीणों द्गारा बताया गया कि हम गरीबो से काम तो करा लिया जाता है और हम लोगो को भुगतान भी नहीं दिया जा रहा है। हम लोग मांगते है तो हमे देने कि अश्वासन दिया तो जा रहा है।किन्तु हम गरीबो को छः महीनों से आज दिनांक तक भुगतान नहीं दिया गया है जबकि रपटा पुलिया की राषी पूरी अहरित कर लिया गया है अब हम लोगों को कब हमारी मजदूरी मिलेगी यह तो भगवान ही जाने हम गरीबो के बारे में आज दिनांक तक कोई किसी प्रकार की देखने सुनने वाला नहीं आए और न ही ग्राम के जन प्रतिनिधि हमारे ओर ध्यान दिये है। इससे यह साबित होती है,ग्राम पंचायत के जन प्रतिनिधियो का मन बदल गया है कि अब मजदूरो का मजदूरी भुगतान नहीं करने की मन हो।

नाबालिगों से करा रहे मजदूरी
सरकार के लाख प्रयास के बावजूद बाल मजदूरी जिले में समाप्त होने का नाम नहीं ले रही है। हद तो यह है कि श्रम विभाग भी खुलेआम हो रही बाल मजदूरी पर चुप्पी साधे हुए है। शिक्षा के अधिकार जैसे कानून भी ऐसे बच्चों को बाल मजदूरी के जाल से बाहर नहीं निकाल पा रहा है।
ठेकेदार कम मजदूरी देने के लालच में और अपनी जेब भरने के चक्कर में इन नाबालिग लड़कियों से काम करवा रहे

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