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राजा ठाकुर बनने वाले ठग रियाज सिद्दिकी पर प्रकरण पंजीबद्ध
ऊषा नामदेव एवं पूजा नामदेव पर भी दर्ज हुई एफ आई आर

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शहडोल/ब्योहारी – अंततः राजा ठाकुर बन न्यायालयों को धोखा देकर फर्जीवाड़ा करनेवाले रियाज सिद्दिकी के ऊपर ब्योहारी पुलिस को प्रकरण पंजीबद्ध करना ही पड़ा ।
ब्योहारी पुलिस ने शहडोल पुलिस अधीक्षक श्री अवधेश गोस्वामी जी के आदेशानुसार सारे‌ प्रकरण की जांच पड़ताल करते हुए राजस्व न्यायालय एवं स्व रामकृपाल नामदेव ,स्व हजारीलाल नामदेव , राहुल नामदेव, विकास नामदेव , गुलज़ारीलाल नामदेव
के साथ धोखाधड़ी सिद्ध हो जाने के बाद करीब 3 वर्ष बाद रियाज सिद्दिकी, पूजा नामदेव एवं ऊषा नामदेव के विरुद्ध धारा 420,467,468,471 एवं 120 बी के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में ले ही लिया है ।
ब्योहारी पुलिस को विकास नामदेव , राहुल नामदेव , गुलज़ारीलाल नामदेव ने थाने में दर्ज किए गए अंतिम बयान में यह बतलाया कि, यह कि रियाज सिद्दिकी ने अपनी पहचान छिपाकर स्वयं को राजा ठाकुर बतलाया जबकि इसके वोटर आईडी और परिवार आईडी में नाम रियाज सिद्दिकी है एवं आधार कार्ड में राजा ठाकुर है जबकि प्रथम दस्तावेज वोटर आईडी होती है ना कि आधार कार्ड, पूजा नामदेव के साथ कोर्ट मैरिज भी संदेहास्पद है , पूजा नामदेव के दादा रामकृपाल नामदेव एक पढे लिखे व्यक्ति थे हस्ताक्षर करते थे , परंतु उनकी संदिग्ध मौत के 8 घण्टे पूर्व की फर्जी वसीयत बनाकर उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेज में अनपढ़ बतलाया गया और किसी के अंगूठे के निशान भी लगाये गए
जबकि स्वर्गीय रामकृपाल नामदेव ने अपने जीवित रहते अपने पुत्रों के नाम जो वसीयत तैयार की थी उसमें उनके मुख्य हस्ताक्षर हैं और अंगूठे के निशान भी , एवं वसीयतनामे में प्रयुक्त फर्जी दस्तावेजों को न्यायालय अपर कलेक्टर ने पकड़ लिया और बंटवारे और वसीयतनामे को अवैध और निष्क्रिय कर दिया , संलग्न स्टांप भी किसी नोटरी से निष्पादन ना होना पाया गया ।
राहुल नामदेव के नाम पर जबरन यह बनाया गया कि वह अपना पैतृक अधिकार त्यागता है , फिर रियाज सिद्दिकी ने पूछा नामदेव और ऊषा नामदेव के साथ मिलकर राहुल नामदेव की संपत्ति का विक्रय भी कर दिया था जिसके कारण भरतराम गुप्ता,संजय गुप्ता,साधना गुप्ता ,सागर गुप्ता ने राहुल नामदेव की दुकान के ताले को तोड़कर उसकी राशि और सामग्री भी लूट लिए जिसकी रिपोर्ट भी की गई थी । इसी आधार पर विकास की संपत्ति पर भी षड़यंत्र किया गया था , रियाज सिद्दिकी ,ऊषा नामदेव, पूजा नामदेव ने राहुल नामदेव को बंधक बनाकर रखा था , झूठे आरोप लगाकर फंसाया भी था,चाचा गुलज़ारीलाल नामदेव के साथ विकास के साथ मारपीट भी की थी , कुल 14 लोगों ने मिलकर जान से मारने और घर खाली करने की धमकी दी थी जिसकी रिपोर्ट करवाई गई थी ,
कूटरचना सत्य सिद्ध होने पर ही न्यायालय अपर कलेक्टर शहडोल ने बंटवारे को निरस्त किया था, रामकृपाल नामदेव की मौत का कारण अज्ञात था बायोकेमिकल जांच के लिए भी भेजा गया था जिसकी रिपोर्ट प्रतीक्षित है ।
पुलिस एफ आई आर में यह लिखा गया है कि फरियादी विकास नामदेव ने अपने स्वयं के द्वारा हस्ताक्षरित एवं राहुल नामदेव के पिता स्व हजारीलाल नामदेव निवासी ब्योहारी के द्वारा हस्ताक्षरित एक आवेदन पत्र तथा आवेदन पत्र के साथ संलग्न जमीन संबंधी दस्तावेजों की मूलप्रति, छायाप्रति, शपथपत्र की छायाप्रति रियाज सिद्दिकी पूजा नामदेव एवं ऊषा नामदेव के द्वारा धोखाधड़ी , जालसाजी,करके हजारीलाल नामदेव एवं अपने दादा स्वर्गीय रामकृपाल नामदेव के आजीवन पूंजी के बंटवारे नामांतरण करने पर कार्यवाही बावत पेश किया गया आवेदन पत्र के साथ संलग्न दस्तावेजों की मूलप्रति , छायाप्रति एवं शपथ पत्र के अवलोकन से रियाज सिद्दिकी,पूजा नामदेव एवं ऊषा नामदेव के विरुद्ध प्रथम दृष्टया धारा 420,467,468,471,120बी ताहि का अपराध प्रमाणित पाये जाने पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया जाता हैै।स्टाप क्राईम आर्गनाइजेशन से डा प्रणय तिवारी आज थाने में पीड़ित परिवार के साथ गए थे एवं‌ साथ में विकास शर्मा पत्रकार भी उपस्थित थे जिनके समक्ष सारे‌ मूल‌ दस्तावेज थाना ब्योहारी‌ में जब्त किए गए ।
ब्योहारी के इस मामले ने‌ सारे‌ समाज को झकझोर कर रख दिया है क्योंकि यह मामला पिछले तीन वर्षों से चल‌ रहा था अर्थात वर्ष 2018 से रियाज सिद्दिकी ,पूजा नामदेव और ऊषा नामदेव का यह मामला चल रहा था परंतु 4 सितंबर वर्ष 2021 को हर ओर से निराश होने के बाद विकास नामदेव और राहुल नामदेव ने इस मामले की जानकारी डा प्रणय तिवारी के पास जाकर दी , एवंं इनकी सहायता तथा सच की जीत हेतु मानवाधिकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता डा तिवारी ने इसकी सूचना समस्त समाचार पत्रों को दी एवं समाचार पत्रों ने‌ बड़ी प्रमुखता से इस गंभीर समस्या को अपने अखबार में प्रमुख स्थान दिया और मामला तीन वर्ष के बाद प्रकाश में आना शुरू हुआ ।
एवं न्यू बरौधा में आने के ठीक एक महीने बाद दिनांक 05/10/2021 को सत्य की जीत हुई और इन तीनों अपराधियों पर प्रकरण पंजीबद्ध हुआ । न्यायालय अपर कलेक्टर रीवा से भी धोखाधड़ी, यहां की सजा बाकी , रीवा पुलिस कर रही जांच पड़ताल:-. परंतु अभी भी बहुत से अपराधों का खुलासा होना शेष है चूंकि शहडोल जिले की पुलिस ने रियाज सिद्दिकी के समस्त दस्तावेजों को कूटरचित पाया इसमें सवाल इस बात का उठता है कि जब ये दस्तावेज फर्जी हैं तो न्यायालय अपर कलेक्टर रीवा से जारी मैरिज सर्टिफिकेट कैसे प्रमाणित हो गया होगा एवं रीवा मैरिज कोर्ट के साथ भी फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग करके न्यायालय अपर कलेक्टर रीवा को भी गुमराह किया गया , रीवा मैरिज कोर्ट के साथ जालसाजी भी पाई जाती है ।
रीवा पुलिस भी विकास नामदेव से अभी इस प्रकरण के बारे में पूछताछ कर रही है क्योंकि राहुल नामदेव और विकास नामदेव ने इसकी शिकायत न्यायालय अपर कलेक्टर रीवा एवं रीवा पुलिस को भी दी थी एवं शीघ्र ही न्यायालय अपर कलेक्टर रीवा द्वारा भी रियाज सिद्दिकी पर अपराधिक प्रकरण दर्ज किया जा सकता है ।
क्योंकि ब्योहारी पुलिस को विकास नामदेव ने रियाज सिद्दिकी की वोटर आईडी एवं परिवार आईडी उपलब्ध करवाई है ।
आखिर रीवा मैरिज कोर्ट के सर्टिफिकेट में राजा ठाकुर का नाम तो प्रमाणित होना ही नहीं चाहिए फिर वो कैसे हो गया होगा ?
इतना ही नहीं मैरिज सर्टिफिकेट के इस षड़यंत्र में जिन जिन गवाहों के हस्ताक्षर हैं उनमें मोलई गुप्ता पिता बैजनाथ गुप्ता निवासी ग्राम पोस्ट झलवार थाना रामपुर नैकिन जिला सीधी,
सुशील कुमार मोटवानी पिता दौलतराम मोटवानी निवासी पाडेन टोला वार्ड नं 30/288 तहसील हुजूर जिला रीवा एवं ऊषा नामदेव शामिल हैं इसमें से ऊषा नामदेव पर तो ब्योहारी पुलिस द्वारा प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया गया है एवं अब बारी रीवा न्यायालय की है ।
ब्योहारी तहसील न्यायालय के फर्जी दस्तावेजों में भी जिन गवाहों के हस्ताक्षर हैं उनमें सलीम पिता मोहम्मद शरीफ ब्योहारी, रूपनारायण राव पिता सियाशरण राव , तारावती पाण्डे पति सीताप्रसाद पाण्डेय , मोहम्मद अनवर पिता नूर मोहम्मद ,प्रिया नामदेव पति कृष्ण कुमार नामदेव, प्रमोद पाण्डेय पिता सीता प्रसाद पाण्डेय, दीपेंद्र कुमार सोनी पिता बिहारी लाल सोनी ये सभी यदि इस फर्जीवाड़े में गवाह बने हुए हैं तो अपराधी का साथ देने वाले भी अपराधी ही होते हैं ,इन पर भी पुलिस प्रशासन द्वारा कार्यवाही की जा सकती है ।

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