एक्टिविस्ट ने आरटीआई की धारा 2(जे)(1) के तहत मऊगंज के पन्नी धान खरीदी केंद्र का फ़ूड इंस्पेक्टर सुनील बोहित की उपस्थिति में किया निरीक्षण// मौके पर मिली व्यापक अनियमितता// 4 काँटों में नापतौल में गड़बड़ी के साथ 600 बोरी धान में मिली गड़बड़ी//
सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की शक्ति धारा 2(जे)(1) में सन्निहित है जिसमें आवेदक किसी कार्य दस्तावेज अथवा अभिलेख का आधिकारिक तौर पर निरीक्षण कर सकते हैं जबकी धारा 2(जे)(3) के तहत किसी कार्य का सैंपल लेने का प्रावधान है। मध्यप्रदेश में सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी द्वारा इस विषय पर अभियान चलाकर जन जागरूकता फैलाई जा रही है। इस बीच दिनांक 29 दिसंबर 2021 को फूड इंस्पेक्टर मऊगंज सुनील बोहित की उपस्थिति में पन्नी धान खरीदी केंद्र का एक्टिविस्ट शिवानन्द की उपस्थिति में निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान काफी अनियमितता प्रकाश में आई जिसमें तुलाई के लिए रखे गए 4 काटों में से एक कांटा माइनस 450 में मिला जिसे फूड इंस्पेक्टर सुनील बोहित द्वारा रिजेक्ट किया गया वहीं तीन कांटो में जब वजन तोला गया तो एक ही बोरी का भजन 40 किलो 790 ग्राम, 41 किलो 500 ग्राम एवं 41 किलो 200 ग्राम इस प्रकार पाया गया। इस प्रकार एक ही भजन में 500 ग्राम से लेकर 800 ग्राम तक का अंतर तीनों काटों में दिखा। खरीदी केंद्र परिसर में रखी हुई लगभग 600 बोरी धान बारदानों में रखी थी जिसकी तुलाई नहीं हुई थी जिसके विषय में समिति प्रबंधक के द्वारा बताया गया कि उन्होंने लगभग 25 किसानों की धान तुलाई की थी जिसे बारदाने में रखा था जिस की सूची भी किसानों के नाम और मोबाइल नंबर सहित उपलब्ध करवाई गई है। लेकिन मौके पर कोई भी किसान वहां पर नहीं मिला है जिससे यह साबित होता कि रखी हुई धान किसानों की है अथवा व्यापारी की। इस बात से शंका और भी अधिक प्रबल हुई कि की खरीदी केंद्र परिसर में रखी हुई लगभग 600 बोरी धान किसी व्यापारी की थी जिसके विषय में स्थल पंचनामा भी मनाया गया है। जहां तक सवाल बारिश की वजह से धान भीगने का था तो उसके विषय में अवलोकन किया गया तो पता चला की पॉलिथीन से काफी धान सुरक्षित रख दी गई थी लेकिन धान का कुछ हिस्सा ढका हुआ नहीं था जिसके विषय में खरीदी केंद्र प्रबंधक को निर्देशित किया गया। दिनांक 29 दिसंबर तक कुल खरीदी की मात्रा लगभग 21448 क्विंटल पाई गई जिसमें से साडे 3546 क्विंटल के आसपास धान का उठाव नहीं हुआ था। इस प्रकार मौके पर कुछ किसानों से चर्चा भी की गई जिनके द्वारा बताया गया कि बारिश की वजह से 29 दिसंबर को खरीदी बंद है। इस बात से शंका और भी प्रबल हो जाती है कि आखिर 600 बोरी धान जो सरकारी बारदाने में खरीदी केंद्र परिसर में रखी हुई थी वह किसकी थी? मामले का स्थल पंचनामा बना लिया गया है जिसमें ऑपरेटर, खरीदी केंद्र प्रबंधक और फूड इंस्पेक्टर सहित आरटीआई एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी एवं अन्य ग्रामीणों के हस्ताक्षर ले लिए गए हैं जिसके विषय में फ़ूड इंस्पेक्टर सुनील बोहित के द्वारा बताया गया कि वह जल्द ही अपनी अंतिम रिपोर्ट जिला कलेक्टर रीवा को सौंप देंगे। इस प्रकार देखा जाए तो आरटीआई की धारा 2(जे)(1) के तहत पहले ही दिन निरीक्षण में धान खरीदी केंद्र में व्यापक अनियमितता पाई गई जिसमें सबसे बड़ा सवाल यह था कि आखिर तुलाई में लगाए गए कांटे सही क्यों नहीं थे और आखिर सरकारी वरदाने में रखी गयी बिना तुलाई की 600 बोरी धान किसकी थी? इससे साफ जाहिर है कि धान तुलाई में किसानों के साथ गड़बड़ी की जा रही है जो मौके पर पकड़े गए। आगे देखिये फूड इंस्पेक्टर एवं आरटीआई एक्टिविस्ट ने क्या कहा ब्यूरो रिपोर्ट रीवा



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