भारत में सबसे तेजी से उभरता हुआ वेब न्यूज़ चैनल

MP//Rewa// फर्जी मस्टर रोल मामले में चौरी पंचायत में हुई जांच// पीसीओ भारत पटेल और सहायक यंत्री जितेन्द्र अहिरवार ने की जांच// 24 घण्टे में दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने जारी किया पत्र।।

278
Above News

पिछले दिनों रीवा जिला अंतर्गत गंगेव जनपद की चौरी ग्राम पंचायत में फर्जी मस्टररोल जारी कर बरसात में नाले की सफाई के नाम पर 4 लाख से अधिक के भ्रष्टाचार के मामले में पीयूष शुक्ला एवं ग्रामीणों के द्वारा शिकायत किए जाने पर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्रमांक 1 के अनुविभागीय अधिकारी जितेंद्र अहिरवार एवं जनपद के पंचायत गंगेव के पंचायत समन्वय अधिकारी भारत पटेल के द्वारा मौके पर आकर जांच की गई। जांच के बाद जो कार्य 400 मीटर का किया जाना था और 15 जून के पहले पूरा किया जाना था वह मौके पर मात्र 100 मीटर से भी कम का होना पाया गया। मौके पर जेसीबी से नाले की खुदाई होना पाया गया और सफाई के नाम पर मात्र एक तरफ लता की सफाई बरसात के समय में लगभग 50 मीटर के आसपास होना पाया गया। दिनाँक 4 जुलाई 2022 की स्थिति में पंचायत समन्वयक अधिकारी भारत पटेल ने मौका पंचनामा बनाया और उपस्थित कुछ मजदूरों का बयान भी लिए। वहीं 5 जुलाई को एक बार पुनः जांच करने पहुंचे ग्रामीण यांत्रिकी सेवा जीतेंद्र अहिरवार ने भी मौका मुआयना किया और मौका पंचनामा बनाकर गंगेव जनपद के उपयंत्री डोमिनिक कुजूर को दस्तावेज उपलब्ध करवाए जाने के लिए नोटिस जारी किया।

    दिनांक 4 जुलाई की जांच के दौरान पाई गई अनियमितता में पंचायत समन्वय अधिकारी भारत पटेल ने संबंधित उपयंत्री डोमिनिक कुजूर चौरी ग्राम पंचायत के सचिव बुद्धसेन कोल एवं ग्राम रोजगार सहायक आरती त्रिपाठी को सम्मिलित तौर पर पत्र जारी करते हुए कार्य के पूर्व की फोटो एवं कार्य प्रारंभ होने के बाद की फोटो, एएस-टीएस एवं साथ में बिल वाउचर और मूल्यांकन रिपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज 24 घंटे के अंदर प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया है।

*गंगेव जनपद सीईओ प्रमोद ओझा के संरक्षण में गंगेव में फल फल फूल रहा भ्रष्टाचार*

इसके पहले सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी के द्वारा गंगेव जनपद के सीईओ प्रमोद ओझा के ऊपर आरोप लगाया गया कि उनके द्वारा गंगेव जनपद में भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दिया जा रहा है और शिकायतों की जांच नहीं की जा रही है। 

   ज्ञातव्य है कि इसके पहले कराधान घोटाले एवं प्रधानमंत्री आवास में घोटाले के चलते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव के द्वारा प्रमोद ओझा को निलंबित किया गया था जिसके बाद कुछ नेताओं के द्वारा पुनः नेतागिरी करते हुए जनपद के सीईओ प्रमोद ओझा को वापस जनपद में पदस्थापित किया गया है जिसका की सामाजिक कार्यकर्ता सहित लोगों ने काफी विरोध किया है। एक्टिविस्ट द्वारा यह भी मांग की गई है गंगेव जनपद के वर्तमान सीईओ प्रमोद ओझा को तत्काल निलंबित किया जाए और उन्हें मुख्यालय में अटैच किया जाए। चुनाव के दौरान भी कई पंचायतों के चुनावों में वोटिंग के दोरान अनियमितता के आरोप लगे हैं जिसमें बिना किसी सक्षम प्राधिकारी के गंगेव के स्ट्रांग रूम ताला खोले जाने आदि सम्मिलित है।

खबरों के अपडेट पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy
E-Paper