MP//Rewa// गंगेव सीईओ प्रमोद ओझा पर कार्यवाही की उठी माग// सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने जनपद सीईओ पर भ्रष्टाचार के लगाए आरोप// मनरेगा में धांधली करवाये जाने के लगे आरोप// 15 जून के बाद मनरेगा के मिट्टी के कार्यों पर रोक लगाए जाने की माग// फर्जी मस्टर रोल जारी कर बरसात में कराए जा रहे मनरेगा के कार्य।।

जनपद गंगेव सीईओ प्रमोद ओझा के ऊपर एक बार फिर भ्रष्टाचार के चलते कार्यवाही की मांग की गई है। सीईओ प्रमोद ओझा को इसके पहले भी पीएम आवास घोटाले के चलते प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग उमाकांत उमराव के द्वारा निलंबित किया गया था लेकिन अपनी राजनीतिक रसूख के चलते प्रमोद ओझा वापस गंगेव जनपद सीईओ के पद पर पदस्थ हुए थे तब से इनकी भ्रष्टाचार में संलिप्तता के चलते गंगेव जनपद से हटाए जाने की मांग चल रही थी।
सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने बताया कि प्रमोद ओझा के द्वारा गंगेव जनपद में निरंतर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है और मनरेगा के मिट्टी मोरम के प्रतिबंधित कार्य 15 जून के बाद मशीन और जेसीबी के द्वारा करवाए जा रहे हैं। उन्होंने अभी हाल ही में चौरी ग्राम पंचायत का उदाहरण देते हुए बताया कि लगभग 4 से 5 लाख रुपये का नाला सफाई के नाम पर कार्य अप्रैल और मई 2022 के महीने में पूरा किया जाना था। जिसके मस्टररोल जारी किए जा चुके हैं लेकिन लीपापोती करने के उद्देश्य से कार्य को दबा दिया गया लेकिन जब मामले की शिकायत ग्रामीणों पीयूष शुक्ला और ऋषभ देव पांडेय के द्वारा की गई और नाले की सफाई का कार्य करवाया जा रहा था जिसकी फोटो और वीडियो बनाकर संबंधित जिला पंचायत सीईओ स्वप्निल वानखेड़े और जिला कलेक्टर रीवा मनोज पुष्प को भेजा गया और कार्यवाही की माग की गई इसके बाद जांच के लिए सहायक यंत्री एवं पंचायत समन्वयक अधिकारी को जांच के लिए भेजा गया जहां जांच के दौरान 400 मीटर में से मात्र 50 मीटर के आसपास ही खुदाई होना पाया गया साथ में फर्जी मस्टररोल के आधार पर फर्जी मजदूर का होना पाया गया एवं मजदूरों से बयान लेने के आधार पर पता चला कि मजदूरों ने इसके पहले कार्य ही नहीं किया था और मात्र दो-तीन दिन से ही कार्य प्रारंभ किया था जो कि मनरेगा की नियमावली के अनुसार 15 जून के बाद नहीं करवाये जाते हैं क्योंकि बारिश में कार्य का मूल्यांकन और सत्यापन कराया जाना संभव नहीं होता है।
*काम बंद करवाए जाने के बाद भी जनपद सीईओ प्रमोद ओझा ने वापस चालू करवाया काम*
सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने बताया कि दिनांक 4 और 5 जुलाई 2022 को पंचायत समन्वयक अधिकारी भारत पटेल एवं सहायक यंत्री जितेंद्र अहिरवार के द्वारा मौके पर जांच के दौरान कार्य को बंद करवा दिया गया था लेकिन इसके बावजूद भी जनपद पंचायत गंगेव के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रमोद ओझा के संरक्षण में वापस कार्य को मशीन और ट्रैक्टर से प्रारंभ करवा दिया गया जिसका दिनांक 6 जुलाई 2022 को मौके पर वीडियो भी ग्रामीणों के द्वारा बनाकर जिला पंचायत सीईओ वानखेडे और कलेक्टर मनोज पुष्प को भेज दिया गया है एवं कार्य पर तत्काल रोक लगाए जाने एवं प्रमोद ओझा को वापस निलंबित किए जाने और जनपद गंगेव से हटाए जाने की मांग की गई है।

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