भारत में सबसे तेजी से उभरता हुआ वेब न्यूज़ चैनल

मीडिया वक्तव्य / प्रेस विज्ञप्ति
दिनांक: 06 जून 2026

61
Above News



जारीकर्ता: शक्ति सिंह चंदेल (प्रदेश सचिव, आम आदमी पार्टी, मध्य प्रदेश)

विषय: वैश्विक संकट, ‘मेलोडी’ पीआर स्टंट और ‘एपिस्टीन फाइल्स’ के गंभीर खुलासे पर भाजपा सरकार से सीधे सवाल।
बयान:

“एक तरफ जब पूरी दुनिया गहरे भू-राजनीतिक संकट से जूझ रही है, अमेरिका, इजरायल और ईरान युद्ध के मुहाने पर खड़े हैं, तो देश की जनता यह देखकर हैरान है कि जो भारत कभी वैश्विक कूटनीति का नेतृत्व करता था, आज उसकी जगह पड़ोसी देश पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ (Mediator) बनकर संदेशवाहक की भूमिका निभा रहा है।

यह बेहद हास्यास्पद और चिंताजनक है कि केंद्र की भाजपा सरकार और उनके पूरे तंत्र ने सालों से देश की जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिए ‘विश्वगुरु’ का एक नकली नैरेटिव तैयार किया। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठोस कूटनीति दिखाने का वक्त आया, तो भारत को दरकिनार कर पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की मेज पर बैठा दिखाई दे रहा है।

जनता अब पूछ रही है कि रील्स और सोशल मीडिया पर ‘मेलोडी’ (#Melodi) जैसे पीआर स्टंट और इवेंट मैनेजमेंट के जरिए जो ‘विश्वगुरु’ की छवि गढ़ी गई थी, उसकी असली कूटनीतिक जमीन क्या है? क्या भारत की विदेश नीति सिर्फ अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ कैमरे के सामने मुस्कुराने और चुनावी रैलियों में वाहवाही लूटने तक सीमित रह गई है?

इससे भी ज्यादा गंभीर और चौंकाने वाला मामला हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा सार्वजनिक की गई ‘एपिस्टीन फाइल्स’ (Epstein Files) का है। इस बदनाम और विवादित फाइल में भारत के प्रधानमंत्री और कूटनीतिक दौरों का संदर्भ आना बेहद आपत्तिजनक और देश की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला है। विदेश मंत्रालय इसे ‘घटिया विचार’ (Trashy Ruminations) कहकर पल्ला नहीं झाड़ सकता। जब देश के शीर्ष नेतृत्व का नाम वैश्विक स्तर के इतने संवेदनशील और दागदार दस्तावेजों में घसीटा जा रहा हो, तो सरकार की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है।

आम आदमी पार्टी (मध्य प्रदेश) की ओर से मैं, शक्ति सिंह चंदेल, केंद्र सरकार से सीधे तौर पर मांग करता हूँ कि वे ‘मेलोडी’ ब्रांडिंग के इस खोखलेपन को बंद करें और ‘एपिस्टीन फाइल्स’ में आए संदर्भों पर देश की जनता के सामने पूरी पारदर्शिता के साथ वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें। देश की साख को सोशल मीडिया के इवेंट मैनेजमेंट से नहीं, बल्कि मजबूत और बेदाग कूटनीति से बचाया जा सकता है।”

खबरों के अपडेट पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy
E-Paper