शहडोल में राजनीति गर्माई: महिला CMO के 22 दिनों में तबादले के खिलाफ ‘आप’ का हल्लाबोल, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

विकास सचदेवा की ब्यूरो रिपोर्ट
शहडोल में राजनीति गर्माई: महिला CMO के 22 दिनों में तबादले के खिलाफ ‘आप’ का हल्लाबोल, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
शहडोल।
शहडोल नगर पालिका के इतिहास में पहली महिला मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) सुश्री आशा भंडारी के मात्र 22 दिनों के भीतर किए गए तबादले को लेकर जिले में राजनैतिक पारा चढ़ गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) मध्य प्रदेश इकाई ने इस स्थानांतरण को पूरी तरह से राजनैतिक द्वेष और दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए माननीय मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टर को एक तीखा ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 72 घंटे के भीतर इस जनविरोधी फैसले पर रोक नहीं लगाई गई, तो कलेक्टर कार्यालय का अनिश्चितकालीन घेराव और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
‘अपवित्र गठबंधन’ और भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का आरोप
आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव शक्ति सिंह चंदेल और स्थानीय पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि वैचारिक रूप से धुर विरोधी दल कांग्रेस (अध्यक्ष पद) और भाजपा (उपाध्यक्ष पद) ने स्थानीय विधायक के संरक्षण में एक ‘अपवित्र गठबंधन’ कर लिया है। इनका एकमात्र उद्देश्य नगर पालिका में चल रहे संस्थागत भ्रष्टाचार को बचाना और एक कर्तव्यनिष्ठ महिला अधिकारी को प्रताड़ित करना है। सुश्री आशा भंडारी अपने अल्प कार्यकाल में ही भू-माफियाओं, अवैध निर्माणकर्ताओं और भ्रष्ट ठेकेदारों पर लगातार कानूनी कार्रवाई कर रही थीं, जिससे घबराकर नेताओं ने ऊपरी दबाव बनाकर यह ट्रांसफर करवाया है।
सुप्रीम कोर्ट के नियमों की खुली अवहेलना
ज्ञापन में रेखांकित किया गया है कि मात्र 22 दिन में किसी अधिकारी को बिना किसी ठोस प्रशासनिक कारण के हटाना सिविल सर्विसेज बोर्ड और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के ‘निश्चित कार्यकाल’ (Fixed Tenure) के दिशा-निर्देशों का मखौल उड़ाना है। यह मध्य प्रदेश शासन की ‘महिला सशक्तिकरण’ और ‘भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर भी एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।
आम आदमी पार्टी की प्रमुख मांगें:
तबादला तत्काल निरस्त हो: सीएमओ सुश्री आशा भंडारी का स्थानांतरण आदेश रद्द कर उन्हें शहडोल में कार्यकाल पूरा करने दिया जाए।
उच्च स्तरीय जांच हो: 22 दिनों में ट्रांसफर कराने के पीछे नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और स्थानीय विधायक की संदेहास्पद भूमिका की लोकायुक्त या राष्ट्रीय/राज्य महिला आयोग से जांच कराई जाए।
साक्ष्यों को सील किया जाए: आशंका है कि इस ट्रांसफर के बाद महत्वपूर्ण फाइलें, निविदाएं (Tenders) या कंप्यूटर डेटा गायब किए जा सकते हैं। अतः पिछले 22 दिनों के CCTV फुटेज और कंप्यूटर लॉगिन क्रेडेंशियल्स को जिला प्रशासन तुरंत अपने संरक्षण में ले।
स्पेशल ऑडिट की मांग: यदि सरकार तबादला वापस नहीं लेती है, तो शहडोल नगर पालिका के पिछले 3 वर्षों के सभी निर्माण कार्यों और वित्तीय भुगतानों का स्पेशल ऑडिट कराया जाए।
72 घंटे का अल्टीमेटम:
आम आदमी पार्टी के नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा है कि शहडोल की मातृशक्ति और आम जनता इस अन्याय के खिलाफ सड़कों पर उतरने को तैयार है। यदि 3 दिनों के भीतर राज्य सरकार को वस्तुस्थिति की रिपोर्ट भेजकर इस तबादले पर रोक नहीं लगाई गई, तो बिना किसी अग्रिम सूचना के कलेक्टर कार्यालय का अनिश्चितकालीन घेराव और क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
इस दौरान आम आदमी पार्टी के अनूप शर्मा (जोन प्रभारी), नरेन्द्र परस्ते (जिला अध्यक्ष), मनोज गुप्ता (संगठन मंत्री), एडवोकेट एन.के. त्रिपाठी, दीप श्रीवास्तव, एडवोकेट प्रहलाद मिश्रा, सुनील मिश्रा, विकास सचदेव सहित पार्टी के तमाम कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय व राज्य महिला आयोग और लोकायुक्त को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।

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