कराधान और अन्य पंचायती घोटाले में संलिप्त अलीबाबा 40 चोर गैंग का मालिक है भ्रष्टाचारी मुनेंद्र तिवारी
👉 कराधान और अन्य पंचायती घोटाले में संलिप्त अलीबाबा 40 चोर गैंग का मालिक है भ्रष्टाचारी मुनेंद्र तिवारी
👉 कराधान घोटालेबाज सरपंच सचिवों के साथ मिलकर सरपंच संघ का मुखौटा लगाकर झूठा आरोप लगा रहा मुनेंद्र तिवारी शिवानन्द द्विवेदी

रीवा – सरपंच संघ का मुखौटा पहनकर झूठा आरोप लगा गलत वक्तव्य दे रहे हैं मुनेंद्र तिवारी। आरटीआई एक्टिविस्ट एवं सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी, अनिल परोपकारी, एवं अन्य के द्वारा कहा गया कि कराधान घोटाले के भ्रष्टाचारी सरपंच सचिव आपस में मिलकर जेल व वसूली के डर से शासन प्रशासन का ध्यान भटकाने के लिए भ्रष्टाचार उजागर करने वाले आरटीआई व सामाजिक कार्यकर्ताओं के ऊपर झूठा आरोप लगा रहे हैं। सूचना अधिकार कानून के माध्यम से रीवा जिले के गंगेव जनपद की पंचायतों में हुए मल्टी करोड़ रुपए के कराधान घोटाले का पर्दाफाश सामाजिक व आरटीआई कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी के द्वारा किया गया है जिसमें उनके द्वारा आरटीआई लगाकर कार्यवाही करवाई गई। जब जानकारी संबंधित गंगेव जनपद एवं जिला स्तरीय लोक सूचना अधिकारियों के द्वारा नहीं दी गई तो अपीलार्थी द्वारा कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए संबंधित मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील एवं धारा 18 की शिकायत प्रस्तुत की गई जिस पर कार्यवाही करते हुए 6 जनपद सीईओ के ऊपर लगभग सवा लाख से अधिक रुपए का जुर्माना राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह के द्वारा लगाया गया।
कराधान और अन्य पंचायती घोटाले में संलिप्त अलीबाबा 40 चोर गैंग का मालिक है भ्रष्टाचारी मुनेंद्र तिवारी
उसके उपरांत जिला पंचायत के सीईओ स्वप्निल वानखेड़े के द्वारा ताबड़तोड़ कार्यवाही करते हुए कई सचिव सरपंचों एवं रोजगार सहायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया एवं निलंबित किया गया। इसके साथ ही भ्रष्टाचारी सरपंच सचिवों के विरुद्ध एफआईआर और वसूली की प्रस्तावित की गई है। सरपंच संघ का मुखौटा लगाने वाले मुनेंद्र तिवारी वर्ष 2010 से 2015 तक ग्राम पंचायत तिवनी का सरपंच रहते हुए 65 लाख रुपये का घोटाला किया था जिसके विषय में कार्यवाही भी हुई है लेकिन मामला अभी दबा दिया गया है। अलीबाबा 40 चोर गिरोह का मालिक घोटालेबाज मुनेंद्र तिवारी के द्वारा किए गए घोटाले के पर्दाफाश के लिए आरटीआई भी लगाई गई है। अपने सरपंच कार्यकाल के घोटाले का पर्दाफाश होते देख मुनेंद्र तिवारी बौखला गया है इसलिए सूचना के अधिकार के कानून व रखवालों के विरुद्ध उल्टी-सीधी अनाप-शनाप मिथ्या आरोप लगाए जा रहा है। यह आरोप मात्र आरटीआई कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी के ऊपर ही नहीं लगाए गए बल्कि यहां तक कि मध्य प्रदेश के वर्तमान राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह को भी पद से हटाने के लिए अलीबाबा चालीस चोर की गैंग के मालिक के द्वारा आरोप लगाए गए हैं। आए दिन भ्रष्टाचारी सरपंच सचिवों को साथ लेकर इधर-उधर ज्ञापन देते हुए तथा सूचना आयुक्त आरटीआई कानून का विरोध कर रहा है। इसके कृत्य और प्रयास से ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ दिन में अपराधियों और भ्रष्टाचारियों के समर्थन में न्यायपालिका के विरोध में भी प्रदर्शन और ज्ञापन होने लगेंगे।
टॉप आईआईटी इंस्टीटूट से पोस्ट ग्रेजुएट और विदेशी शिक्षित हैं शिवानन्द द्विवेदी
बता दें कि शिवानंद द्विवेदी की प्रारंभिक शिक्षा रीवा से ही प्रारंभ होकर भारत के बेहतरीन और टॉप शैक्षणिक संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान आईआईटी मुंबई से गणित विषय में स्नातक डिग्री प्राप्त करने के साथ हुई और इसके बाद वर्ष 2005 से लेकर 2012 तक यूरोप के टॉप लेवल के इंस्टिट्यूट और विश्वविद्यालय जैसे जर्मनी, इटली, फ्रांस, स्पेन, पुर्तगाल, मैक्स प्लांक इंस्टीट्यूट आदि संस्थानों पर रहकर गणित विषय में शोध कार्य किया है और शिक्षण प्रशिक्षण का भी कार्य करवाया है।
विदेश से भारत वापस क्यों आ गए शिवानन्द द्विवेदी
भारत में बढ़ते हुए भ्रष्टाचार और गरीबों के शोषण को देखकर शिवानन्द वर्ष 2012 में वापस भारत आए और तब से निरंतर सामाजिक और मानवाधिकार संरक्षण से लेकर एनिमल राइट्स, गौसंरक्षण, पर्यावरण की सुरक्षा, जल जंगल जमीन और सूचना के अधिकार को जन जन तक पहुंचाने के लिए आंदोलन जारी रखे हुए हैं।
खीझे बंदर की तरह पस्त भ्रष्टाचारी लगाते रहते हैं अनाप सनाप आरोप
इस बीच जब भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्यवाही होती है तो माफिया और भ्रष्टाचारी मिलकर एक्टिविस्ट के ऊपर विभिन्न प्रकार से क्षति पहुंचाने एवं आरोप लगाने का प्रयास करते रहते हैं। अपना फेसबुक में वीडियो जारी करते हुए दिनाँक 04 नवंबर को इस विषय में एक्टिविस्ट द्विवेदी का कहना है कि वह समाज और देश के प्रति कार्य में सतत लगे हुए हैं और विरोध को अपने कार्य का पारितोषिक मानते हैं।

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