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समाजसेवी ने प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप फर्जी सरपंच संघ के विरुद्ध की कार्यवाही की माग, मामला सूचना आयुक्त राहुल सिंह के विरुद्ध किये गए कमेंट का पूरे देश मे जमकर हो रहा विरोध, एक्टिविस्टों ने तत्काल फर्जी सरपंच संघ पर कार्यवाही किये जाने की माग की

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कराधान घोटाले में फंसे मप्र के रीवा जिले की 75 पंचायतों के सरपंच सचिव रोजगार सहायक अन्य अधिकारी कर्मचारी एवं फर्जी सरपंच संघ और भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने की समाजसेवी ने की माग

 👉 कराधान घोटाले एवं 14 वें वित्त आयोग की सरकारी राशि घोटाले में तत्काल सीबीआई जांच स्थापित किये जाने की माग

👉 सूचना आयुक्त राहुल सिंह को टारगेट कर अपमानित करने के लिए फर्जी पंच सरपंच संघ और इन भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध तत्काल कार्यवाही किए जाने की उठाई माग 

 रीवा//मप्र

     मध्य प्रदेश में वर्ष 2017-18 के कराधान योजना के अंतर्गत 14 वें वित्त आयोग की परफॉर्मेंस ग्रांट को लेकर 1148 पंचायतों में 300 करोड़ की राशि सरकार द्वारा ग्रामीण विकास कार्यों के लिए अंतरित की गई थी। परंतु रीवा जिले के परिपेक्ष में 75 पंचायतों में जारी की गई 14 वें वित्त आयोग की राशि का बंदरबांट किया गया एवं वृहद और व्यापक स्तर पर घोटाला किया गया जिसकी जांच के बाद व्यापक स्तर पर अनियमितता एवं भ्रष्टाचार और बंदरबांट उजागर हुआ।

   सूचना के अधिकार से कराधान घोटालेबाज़ हुए बेनकाब

     यह समस्त जानकारी सूचना के अधिकार के माध्यम से प्राप्त की गई। जानकारी बाहर निकलते ही जिला पंचायत रीवा सीईओ स्वप्निल वानखेड़े के द्वारा अच्छी कार्यवाही की गई और ऐसे भ्रष्ट सरपंच सचिव और रोजगार सहायक के विरुद्ध निलंबन, पद से पृथक करने एवं पंचायती राज अधिनियम की धारा 40 एवं 92 की कार्यवाही भी की जा रही है। पूरा मामला सूचना के अधिकार के माध्यम से उजागर हुआ इसलिए मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह का रोल काफी अहम रहा जिनकी कार्यवाही के बाद रीवा जिले के 6 जनपद सीईओ के विरुद्ध लगभग सवा लाख से ऊपर के जुर्माने भी लगाए गए और साथ में पारदर्शिता के सिद्धांत के तहत कार्यवाही किए जाने के निर्देश भी दिए गए। 

    अलीबाबा 40 चोर गिरोह के सरगना कार्यवाही के भय से अलाप रहे अनाप शनाप राग

    कार्यवाही के बाद कराधान घोटाले में फंसे हुए भ्रष्टाचारी सरपंच सचिव और रोजगार सहायक अब राहुल सिंह के विरुद्ध प्रोपोगंडा फैला रहे हैं और उनके नाम के विरुद्ध गलत संदेश प्रसारित कर रहे हैं। यह ज्ञापन सौंपते हुए जिला सिंगरौली के समाजसेवी शशि देव पांडेय ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है और कहा है कि यह मानना है कि न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे भारतवर्ष में मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह के पदभार संभालते ही आरटीआई कानून को एक नई मजबूती मिली है और साथ में मध्यप्रदेश की अलग ही पहचान बनी है। आरटीआई कानून के लिए मध्यप्रदेश को जाना जाने लगा है। इस सब में सूचना आयुक्त राहुल सिंह का रोल बहुत ही अहम है। रीवा जिला और मध्य प्रदेश में कार्यरत सामाजिक एवं आरटीआई के क्षेत्र में एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी के द्वारा भी आरटीआई लगाकर ज्यादा से ज्यादा जन जागरूकता फैलाई जा रही है और साथ में भ्रष्टाचार उजागर किए जा रहे हैं जिसके कारण सभी भ्रष्टाचारी एकजुट होकर शिवानंद द्विवेदी को विभिन्न प्रकार से क्षति पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं जिसमें अभी हाल ही में उनके ऊपर दो बार हमले भी किए गए हैं जिसके विरुद्ध संबंधित थाना में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सोशल ऑडिट जनसुनवाई धारा 4 के तहत साझा की जाने वाली जानकारी आदि के आधार पर एक्टिविस्ट द्विवेदी के द्वारा आरटीआई को लेकर जन जागरूकता फैलाई जा रही है। मध्य प्रदेश सूचना आयोग में कर्मचारियों की कमी के चलते इंटर्नशिप एवं वॉलिंटियर्स ऑफर किए गए हैं जिसमें राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह के द्वारा इन वॉलिंटियर्स के सहयोग से फेसबुक लाइव के माध्यम से अपील की लाइव सुनवाई की जा रही है और साथ में प्रकरणों के त्वरित निराकरण किए जा रहे हैं जो एक ऐतिहासिक पहल है। कोई भी दोषी लोक सूचना अधिकारी जुर्माने से बच नहीं पा रहा है जिसकी वजह से इन सभी भ्रष्टाचारियों के द्वारा सूचना आयुक्त राहुल सिंह के विरुद्ध गलत संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं और उन्हें पद से हटाने की बातें की जा रही हैं।

      समाजसेवी ने ज्ञापन में बताया कि हमारा मानना है कि यदि मध्यप्रदेश एवं भारत में सूचना के अधिकार कानून को जीवित रखना है और प्रशासनिक कार्य को बेहतर एवं पारदर्शी बनाना है तो उसके लिए मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह जैसे सूचना आयुक्तों की बहुत सख्त आवश्यकता है। 

   सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने पूरे देश मे मप्र और आरटीआई कानून को दी नयी पहचान

    श्री सिंह द्वारा लिए गए निर्णय से न सिर्फ प्रशासन को जनता के प्रति जवाबदेह बनाते हुए शासकीय कार्यालयों में पारदर्शिता के नए आयाम रचे जा रहे है बल्कि राहुल सिंह द्वारा फोन और व्हाट्सएप पर ऑनलाइन हियरिंग करने की वजह से अब शासकीय अधिकारी और अपीलकर्ता को भोपाल जाने की जरूरत भी नहीं है। इससे शासन द्वारा शासकीय अधिकारियों के दौरे पर खर्च होने का लाखों रुपये का ख़र्चा पूरी तरह से बंद हो गया है। वहीं इस क्रांतिकारी कदम से शासकीय दफ्तरों में मानव संसाधन के लिहाज से कार्य अवधि में बढ़ोतरी हो गई है क्योंकि अब शासकीय अधिकारी बिना दफ्तर से बाहर जाए सूचना आयोग की कार्रवाई में भाग ले सकते हैं। पहले शासकीय अधिकारी सूचना आयोग की कार्यवाही के नाम पर भोपाल में अपना टूर बना कर सरकारी खर्चे पर तीन से चार दिन दफ़्तर से ग़ायब रहते थे।

   प्रधानमंत्री और मप्र के मुख्यमंत्री दोनो को समाजसेवी ने सौंपा ज्ञापन

     अतः इस विषय में प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंप कर तत्काल सीबीआई जांच गठित कर मध्य प्रदेश की 1148 पंचायतों में 300 करोड़ के कराधान घोटाले एवं 14वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग की जांच करवाई जाने की माग की गई है जिससे मध्य प्रदेश के ऐसे समस्त भ्रष्टाचार की पोल खुले और सभी भ्रष्टाचारी सरपंच सचिव और अन्य कर्मचारी अधिकारी दंडित हों।

   गांव की गरीब जनता के विकास के पैसे का बन्दरवाट बर्दास्त नहीं

    गांव की गरीब जनता के विकास और उत्थान के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली राशि का इन भ्रष्टाचारी सरपंच सचिव और तथाकथित फर्जी पंच सरपंच संघ के अलीबाबा और 40 चोर के गिरोहों के द्वारा अपने व्यक्तिगत हित मे लगाया जा रहा है जो देश के लोकतंत्र के लिए अत्यंत घातक है एवं ग्रामीण विकास और ग्राम स्वराज लाने की जो मंशा शासन सरकार की है उसके भी विपरीत है। श्री पांडेय ने आगे कहा कि हम सभी कार्यकर्ता एवं समाजसेवी प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री जी भारत शासन से यह अपील करते हैं कि मप्र राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह एवं रीवा जिले के परिपेक्ष में यहां के जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े जैसे अधिकारियों के कार्यों को प्रोत्साहन देकर तत्काल सीबीआई जांच गठित कर भ्रष्टाचारियों और फर्जी सरपंच संघ के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही की जानी चाहिए

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