MP//Rewa// बहेरा पंचायत नईगढ़ी में आयोजित हुई पब्लिक ऑडिट जनसुनवाई // ग्रामीणों ने गिनाई समस्याएं // लाखों के पंचायती कार्यों में मिली अनियमितता // पेंशन, खाद्यान्न, आवास और शौचालय की मिले ज्यादा केस // सोशल ऑडिट जनसुनवाई ग्रामीण जनों की अभिव्यक्ति का सबसे मजबूत माध्यम – एक्टिविस्ट शिवानन्द द्विवेदी

रीवा जिले की ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सरपंच सचिव इंजीनियर और जनपद सीईओ ने मिलकर ग्राम पंचायतों का कबाड़ा कर दिया है। जहां ग्राम पंचायतों की जांच में दोषी पाए जाने वाले सरपंच सचिव रोजगार सहायक इंजीनियर के ऊपर रिकवरी बनाई जा रही है और कार्यवाहीयां की जा रही है वहीं दूसरी तरफ अन्य ग्राम पंचायतें इन कार्यवाहीयों से कोई सीख नहीं ले रही है। और उनके भ्रष्टाचार का गग्राफ दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि कर रहा है।
नईगढ़ी जनपद के बहेरा ग्राम पंचायत में हुआ लाखों का भ्रष्टाचार
इस बीच दिनांक 21 जनवरी 2021 को सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी एवं क्षेत्र के पत्रकारों राहुल चतुर्वेदी, शिवेंद्र सिंह एवं उमेश पांडे आदि की उपस्थिति में ग्राम पंचायत बहेरा जनपद पंचायत नईगढ़ी में सोशल ऑडिट/पब्लिक ऑडिट जनसुनवाई का कार्यक्रम रखा गया जिसमें सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए और अपनी समस्याएं रखी। जहां आम जनता ने अपनी सामान्य आवास, शौचालय, पेंशन, खाद्यान्न की समस्याएं गिनाई वहीं शिकायतकर्ता लवकुश सेन और अन्य ने ग्राम पंचायत में व्यापक भ्रष्टाचार के विषय में पूर्व में की गई शिकायतों का जखीरा खोल दिया और बताया कि किस तरह से सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक और इंजीनियर की मनमानी से ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार किया जा रहा है।
पब्लिक ऑडिट जनसुनवाई ग्रामीणजनों की बन रही आवाज – एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी
इस विषय पर पब्लिक ऑडिट जनसुनवाई कार्यक्रम में आमंत्रित किए गए एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी ने बहेरा ग्राम पंचायत के ग्रामीणजनों को संबोधित करते हुए बताया कि आरटीआई की धारा 4 के तहत सार्वजनिक तौर पर वेबपोर्टल एवं अन्य माध्यमों से पारदर्शिता एवं जवाबदेही की दिशा में साझा की जाने वाली पंचायती कार्यों की जानकारी के आधार पर पब्लिक ऑडिट और जनसुनवाई का कार्यक्रम किया जा सकता है। इसके साथ ही एक्टिविस्ट ने बताया कि आज युवाओं को आगे आकर अपनी ग्राम पंचायतों में ग्राउंड जीरो लेवल पर कार्य की निगरानी करनी चाहिए और सूचना का अधिकार आवेदन लगाकर जानकारी एकत्रित करनी चाहिए और जहां भी भ्रष्टाचार मिले उसकी सही उचित फोरम पर शिकायत करनी चाहिए। इसमें आज सोशल मीडिया के जमाने में युवाओं की भागीदारी बढ़ गई है जिससे न केवल भ्रष्टाचारियों पर कार्यवाही होगी बल्कि आगे आने वाले समय में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी।
सूचना के बावजूद नहीं पहुंचे कोई भी वरिष्ठ अधिकारी
यद्यपि पब्लिक ऑडिट जनसुनवाई कार्यक्रम की जानकारी ग्रामीणजनों ने संबंधित तहसीलदार एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सहित सीईओ जनपद पंचायत नईगढ़ी एवं थाना प्रभारी को 1 सप्ताह पूर्व दे दी थी। लेकिन इसके बावजूद भी कोई भी अधिकारी कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने इस विषय पर आक्रोश जाहिर करते हुए कहा कि यह सब इन्हीं अधिकारियों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार किए जा रहे हैं और जब जनता के आमने-सामने होने की बात आती है तो कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं आते हैं और अपना मुंह छुपा कर भाग जाते हैं।
बहेरा पंचायत के ग्रामीणों ने लाखों के भ्रष्टाचार के जांच के लिए की माग
इस बीच उपस्थित ग्रामीणजनों ने ग्राम पंचायत बहेरा में पीसीसी सड़क निर्माण, पुलिया निर्माण, ग्रेवल सड़क निर्माण, खेत सड़क निर्माण, वृक्षारोपण कार्य के नाम पर बंदरबांट, कोटे में हो रही राशन से संबंधित समस्याएं, शौचालय निर्माण, शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण, पीएम आवास में हो रहे भ्रष्टाचार और साथ में रोजगार सहायक एवं सचिव के द्वारा किए जा रहे मनमानी की समग्र जांच की माग की है। उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने ग्राम पंचायत बहेरा के सरपंच पति को मौके पर बुलाया और उनके समक्ष अपनी बातें रखी और कहा कि ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव और रोजगार सहायक ग्रामीणों के साथ भेदभाव कर रहे हैं जिसकी वजह से सभी लोगों को समान रूप से सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उपस्थित ग्रामीणों ने पंचायत के वर्तमान कार्यकाल में 6 वर्षों में हुए कार्यों की समग्र जांच की माग की।

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