भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी ग्राम पंचायत तेंदुडोल: निर्माण के नाम पर लाखों का फर्जीवाड़ा,कमिश्नर से शिकायत

जयसिंहनगर/शहडोल। ग्राम पंचायत तेंदुडोल (जनपद पंचायत जयसिंहनगर) में विकास कार्यों के नाम पर शासकीय राशि के खुलेआम गबन और वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। पंचायत में 5वें एवं 15वें राज्य वित्त आयोग के साथ-साथ खनिज प्रतिष्ठान मद में प्राप्त लाखों रुपये की राशि का फर्जी बिल-वाउचर बनाकर आहरण करने के संगीन आरोप लगे हैं। इस पूरे भ्रष्टाचार को लेकर जनपद सदस्य पंकज पनिका, उप सरपंच कमलेश और शिव प्रसाद सिंह ने कमिश्नर शहडोल संभाग को लिखित शिकायती पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जाँच और दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई की माँग की है। फर्जीवाड़े के मुख्य बिंदु: एक ही बाउंड्रीवॉल का दोबारा भुगतान: पंचायत भवन पार्ट 0.2 में बाउंड्रीवॉल निर्माण (स्वीकृत राशि ₹6.58 लाख) के लिए पूर्व सचिव द्वारा 15 जनवरी 2026 को ₹4,99,432 का आहरण किया गया था। इसके बावजूद वर्तमान सचिव संग्राम सिंह ने 24 जुलाई 2026 को उसी कार्य के लिए 5वें वित्त से पुनः ₹4,99,661 आहरित कर लिए।बिना काम किए लाखों का भुगतान: गिट्टी, रेता, सीमेंट और ऊर्जा बिल के नाम पर बिना कोई निर्माण कार्य कराए 5वें वित्त आयोग से ₹3,02,095 की राशि फर्जी फर्मों और चहेतों को ट्रांसफर कर दी गई।स्वीकृति कहीं, निर्माण कहीं और: पोखरी नाला में घाट निर्माण के लिए खनिज प्रतिष्ठान मद से ₹10.00 लाख स्वीकृत हुए थे। आरोप है कि निर्माण कार्य नाले के बजाय तालाब में कराया गया और 15वें वित्त की राशि से पूरा ₹10 लाख का नियमविरुद्ध भुगतान कर दिया गया। खनिज मद में भी डबल विड्रॉल: पंचायत भवन की बाउंड्रीवॉल हेतु स्वीकृत ₹10 लाख में से प्रथम किस्त ₹3 लाख पूर्व सचिव ने निकाले थे। इसके बाद वर्तमान सचिव व सरपंच ने 24 जुलाई 2026 को 5वें और 15वें वित्त से क्रमशः ₹45,000 और ₹99,949 का अतिरिक्त भुगतान निकाल लिया। मौके पर जाँच की माँग- शिकायतकर्ताओं ने कमिश्नर महोदय से माँग की है कि पूरे मामले की जाँच शिकायतकर्ताओं की मौजूदगी में स्थल पर जाकर कराई जाए, ताकि सच सामने आ सके और भ्रष्टाचार में लिप्त ज़िम्मेदारों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।

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