जनपद गंगेव सीईओ प्रमोद ओझा आर टी आई के प्रपत्र 5 एवं 6 को तत्काल करें लागू – सूचना आयुक्त राहुल सिंह
सूचना के अधिकार कानून में को हल्के में लेने वाले लोक सूचना अधिकारियों के ऊपर मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ताबड़तोड़ कार्यवाहियां कर रहे हैं। अभी हाल ही में 27 सितंबर 2021 के एक निर्णय में अपील क्रमांक 307/2019 में आवेदक/अपीलार्थी शिव शंकर पटेल विरुद्ध शिवाकांत आजाद सचिव एवं लोक सूचना अधिकारी ग्राम पंचायत गोंदरी 27 जनपद पंचायत गंगेव के एक मामले में सुनवाई करते हुए सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने तकनीकी स्वीकृति और दो अन्य कार्यों की जानकारी न देने के लिए सूचना आयुक्त ने 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अधिकतम 8000 रुपये का जुर्माना लगाया है और धारा 20(2) के तहत कार्यवाही करते हुए जनपद पंचायत गंगेव के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रमोद ओझा को आदेशित किया है कि वह अनुशासनात्मक कार्यवाही कर सूचना आयोग को जल्द से जल्द प्रतिवेदन भेजें।
इस बीच ग्राम पंचायत गोदरी 27 में दस्तावेजों के अवलोकन के पश्चात यह बात सामने आई कि ग्राम पंचायत में आरटीआई कानून के अंतर्गत प्रपत्र 5 एवं 6 का संधारण नहीं किया जा रहा है जिसके विषय में सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने बहुत ही स्पष्ट आदेश देते हुए गंगेव जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रमोद ओझा को आदेशित किया है कि वह गंगेव जनपद के अंतर्गत आने वाली समस्त 88 ग्राम पंचायतों में तत्काल प्रपत्र 5 एवं 6 लागू करवाए और आयोग को सूचित करें।
बता दें कि सूचना के अधिकार कानून को ग्राम पंचायतों में बहुत ही हल्के से लिया जा रहा है और न तो आवेदन स्वीकार किए जाते और यदि पोस्ट से आवेदन भेजा जाता है तो उन्हें वापस कर दिया जाता है जिसके विषय में सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट शिवानन्द द्विवेदी और दर्जनों एक्टिविस्टों के द्वारा समय-समय पर एक अभियान चलाकर सूचना आयोग को पत्राचार और ईमेल किए गए हैं जिसमें पूरे मध्यप्रदेश में समस्त विभागों में आरटीआई के आवेदन एवं प्रथम तथा द्वितीय अपील करने के लिए एक यूनिफाइड व्यवस्था की माग की गई है जो ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से प्रारंभ की जाए।

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