विलुप्त होती बावड़ी को जल गंगा संवर्धन अभियान से मिला नवजीवन
3 घन्टे श्रमदान से 200 वर्ष पुरानी बावड़ी से निकला पानी, डस्टबिन की तरह हो रही थी उपयोग,सुबह 9 बजे से 4 बजे तक किया श्रमदान
देवदत्त धानेश्वर जिला ब्यूरो चीफ बालाघाट
बालाघाट।जल गंगा संवर्धन अभियान ऐसे जल स्रोतों को भी पुनर्जीवन!-->!-->!-->!-->!-->!-->!-->…
Read More...
Read More...